Why This Website ?

Global knowledgeearth will help
your to crack competition
exam. Here you will get all
exam study material. 

Shine coaching center

keBest Coaching center for the preparation of various competition exams likes Rpsc, ssc, bank clerk, po. Shine Coaching center will give you a medium to travel your success journey.  Click here for more details.

राजस्थान सरकार द्वारा गुर्जर और 4 अन्य समुदायों को सरकारी नौकरियों में 5 प्रतिशत आरक्षण

राजस्थान सरकार ने सरकारी नौकरियों में विशेष पिछड़ा वर्ग के तहत गुर्जर तथा 4 अन्य समुदायों को 5 प्रतिशत आरक्षण देने का निर्णय 28 नवंबर 2012 को किया. राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की अध्यक्षता में जयपुर में हुई मंत्रिमण्डल की बैठक में यह निर्णय किया गया.

आर्थिक रूप से पिछडे वर्गों के लिए आरक्षण की मांग पर विचार के लिए आर्थिक पिछड़ा वर्ग  आयोग के पुनर्गठन का निर्णय भी लिया गया. राजस्थान उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार यह निर्णय 2 महीने बाद लागू होना है.

दो वर्ष पूर्व राजस्थान उच्च न्यायालय ने राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग को गुर्जर और अन्य जातियों को विशेष पिछड़ा वर्ग के तहत सरकारी नौकरियों में आरक्षण की मांग का अध्ययन करने का निर्देश दिया था. आयोग ने नवंबर 2012 के तीसरे सप्ताह में ही अपनी रिपोर्ट राज्य सरकार को दी थी, जिसमें गुर्जर, राय कारोबारी, गायरी, गड़िया लुहार और बंजारा जातियों को 5 प्रतिशत आरक्षण देने के साथ ही इनके लिए शिक्षण संस्थाओं में सीटें आरक्षित करने की सिफारिश की गई.

न्याय दिलाने के मामले में 97 देशों की सूची में भारत का 78वां स्थान

न्याय दिलाने के मामले में 97 देशों की सूची में भारत को 78वां स्थान मिला, इस सूची में भारत के पड़ोसी देश श्रीलंका को सभी दक्षिण एशियाई देशों में कानून व्यवस्था के मामले में पहला स्थान मिला. व‌र्ल्ड जस्टिस द्वारा रूल ऑफ लॉ इंडेक्स 2012 शीर्षक से 28 नवंबर 2012 को जारी रिपोर्ट में यह बात कही गई.

इस रिपोर्ट में अलग-अलग देशों को कानून-व्यवस्था के मामले में आठ विभिन्न क्षेत्रों के लिए आंका गया. जांच और संतुलन की व्यापक व्यवस्था के मामले में दुनिया में भारत का 37वां स्थान रहा. जबकि निम्न मध्य आय वर्ग के देशों में दूसरा स्थान रहा.

रिपोर्ट के अनुसार भारत में स्वतंत्र न्यायपालिका, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के लिए मजबूत संरक्षण और तुलनात्मक रूप से स्वतंत्र सरकार है. इस मामले में वैश्विक स्तर पर सूची में उसे 15वां जबकि निम्न आयवर्ग में चौथा स्थान मिला.

रिपोर्ट के अनुसार भारत में प्रशासनिक एजेंसियां बेहतर प्रदर्शन नहीं करती और न्यायिक प्रणाली की गति बहुत धीमी है. इसकी मुख्य वजह अदालत में मामलों की ज्यादा तादाद और कार्यवाही में होने वाली देरी है. भ्रष्टाचार के मामले में भारत का स्थान 83वां रहा.